ना टोपी देखी, ना तिलक… ट्रेन में इंसानियत ने थामा एक बुज़ुर्ग का हाथ | यही है असली भारत

एक ट्रेन के डिब्बे में अचानक अफरा-तफरी मच गई। सफर सामान्य चल रहा था, लोग अपनी-अपनी सीटों पर बैठे थे—कोई मोबाइल देख रहा था, कोई खिड़की से बाहर झांक रहा था, कोई ऊंघ रहा था। तभी एक बुज़ुर्ग मुसलमान अंकल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। चेहरे पर पसीना, सांस तेज़, हाथ कांपने लगे। आसपास बैठे […]