UGC की ‘भेदभावपूर्ण’ नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा
आम आदमी पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा – अतुल तिवारी

जौनपुर।
आम आदमी पार्टी जौनपुर के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी एवं समाजसेवी अतुल कुमार तिवारी ने यूजीसी (UGC) के वर्तमान नियमों को भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ आर–पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज और छात्रों के न्याय के लिए वह किसी भी राजनीतिक पद या पार्टी की सदस्यता को त्यागने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जातिवाद नहीं, ‘छात्रवाद’ लागू करने की मांग
अतुल तिवारी ने कहा कि यूजीसी के नियमों में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जातिगत भेदभाव समाप्त कर ‘छात्रवाद’ लागू करने की मांग की, जिससे SC/ST, OBC और General (सामान्य वर्ग) के सभी छात्रों को समान अवसर, अधिकार और न्याय मिल सके।
अनुशासनहीनता के आरोपों पर दो टूक जवाब
पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन को अनुशासनहीनता बताए जाने पर अतुल तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा—
“मैंने पार्टी को पहले ही लिखित रूप से अवगत करा दिया था कि यदि समाज और छात्रों के हक की आवाज उठाना अनुशासनहीनता है, तो मैं ऐसी ‘अनुशासनहीनता’ बार-बार करूंगा। मेरे लिए समाज का सम्मान और न्याय सर्वोपरि है। इसके लिए मैं अपने सभी पदों से इस्तीफा देने को तैयार हूं।”
भविष्य की रणनीति: निजी स्तर पर संघर्ष
अतुल तिवारी ने स्पष्ट किया कि आगे वह इस आंदोलन को निजी और सामाजिक स्तर पर लड़ेंगे। इस संघर्ष में किसी भी राजनीतिक पार्टी के नाम या बैनर का उपयोग नहीं किया जाएगा, ताकि पार्टी की नीतियों से टकराव न हो।
राजनीतिक दलों पर दोहरे मापदंड का आरोप
उन्होंने कहा कि जब किसी अन्य समाज, जाति या धर्म की बात आती है तो सभी राजनीतिक दल एकजुट हो जाते हैं, लेकिन सवर्ण समाज के अधिकारों की चर्चा आते ही नेता मौन साध लेते हैं और अपने ही समाज को चुप रहने की नसीहत देते हैं, जो अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है।
