अबू धाबी में चल रही त्रिपक्षीय शांति वार्ता के दौरान यूक्रेन पर हुए बड़े सैन्य हमलों ने कूटनीतिक प्रयासों को गंभीर चुनौती दी है। 23–24 जनवरी 2026 को अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों ने लगभग चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के संभावित ढांचे पर चर्चा की, लेकिन बातचीत के बीच कीव और खारकीव पर ड्रोन और मिसाइल हमलों से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अबू धाबी में दो दिवसीय त्रिपक्षीय बैठक
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में आयोजित इस बैठक में तीनों देशों के वरिष्ठ वार्ताकार शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र की भविष्य की स्थिति, संघर्षविराम के संभावित मानदंड और सुरक्षा गारंटी रहे। वार्ता से जुड़े अधिकारियों ने बातचीत को व्यावहारिक और आगे बढ़ने वाली बताया, हालांकि किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता के बीच यूक्रेन पर रूसी हमले
इसी दौरान रूस ने कीव और खारकीव पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों से ऊर्जा अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे पहले से चल रहा बिजली और हीटिंग संकट और गहरा गया। कई इलाकों में आपातकालीन बिजली कटौती लागू करनी पड़ी।
राजनयिक प्रतिक्रिया और माहौल
यूक्रेनी पक्ष ने हमलों को वार्ता की भावना के खिलाफ बताया और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया, जबकि रूसी पक्ष ने सुरक्षा चिंताओं को बातचीत का हिस्सा बनाए रखने की बात कही।
अगले दौर पर सहमति
- वर्तमान दौर बिना किसी समझौते के समाप्त
- तीनों पक्षों ने संवाद जारी रखने की सहमति दी
- अगली त्रिपक्षीय बैठक 1 फरवरी 2026 को प्रस्तावित
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगली बैठक में सीमित संघर्षविराम और मानवीय मुद्दों पर अधिक केंद्रित चर्चा होने की संभावना है, जबकि जमीनी हालात शांति प्रयासों की दिशा तय करेंगे।
