उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया का एक खौफनाक अध्याय बीती 20/21 दिसम्बर की रात समाप्त हो गया। हत्या के एक सनसनीखेज मामले में वांछित और ₹1,00,000 का इनामी अपराधी सिराज अहमद आखिरकार कानून से नहीं बच सका। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को मिली सटीक सूचना के बाद सहारनपुर जनपद के थाना गंगोह क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सिराज अहमद मारा गया। एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई थी कि जनपद सुल्तानपुर में दर्ज हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा सिराज अहमद सहारनपुर के गंगोह इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, उसने खुद को घिरा देख पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, सिराज अहमद ने जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं, जिसके बाद एसटीएफ को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। दोनों ओर से कुछ देर तक चली फायरिंग के दौरान सिराज अहमद को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। अभियुक्त के कब्जे से एक मोटरसाइकिल, 30 बोर और 32 बोर की दो पिस्टल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस, चार मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामान मिला है। बरामद हथियार और गोला-बारूद यह साफ संकेत देते हैं कि सिराज अहमद किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में था या लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय था।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिराज अहमद कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों और थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) समेत गंभीर धाराओं में कुल 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। सुल्तानपुर का हत्या कांड, जिसमें वह मुख्य आरोपी था, पूरे इलाके में दहशत का कारण बना हुआ था। इसी के चलते पुलिस ने उस पर ₹1,00,000 का इनाम घोषित किया था। स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिराज अहमद लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसका नाम आते ही लोग सहम जाते थे। हत्या, रंगदारी और हथियारों के बल पर डर फैलाना उसकी पहचान बन चुकी थी। कई मामलों में वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था, लेकिन इस बार उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी और आत्मरक्षा में की गई। आरोपी द्वारा पहले फायरिंग किए जाने के बाद ही पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। घटना की पूरी जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस मुठभेड़ के बाद इलाके में राहत की भावना देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि एक खतरनाक अपराधी के मारे जाने से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा। पुलिस प्रशासन ने भी इसे अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा बताया है। खौफ, जो वर्षों से सिराज अहमद के नाम से जुड़ा था, अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। कानून की पकड़ से बचता फिर रहा यह अपराधी आखिरकार अपने ही हथियारों और हिंसा के रास्ते का अंजाम पा गया।